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मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक…बजट में कांग्रेस शासित राज्यों पर मेहरबानी, क्या है तैयारी?

आम बजट की घोषणाओं के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज है। कल संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भाषण सुनने राहुल गांधी पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।

राजनीति में अक्सर पक्षपात के आरोप लगते हैं, लेकिन इस बार का बजट कुछ अलग कहानी कह रहा। जहां पिछले वर्षों में बिहार और आंध्र प्रदेश की चर्चा रही, वहीं इस बार केंद्र सरकार ने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे कांग्रेस शासित राज्यों के लिए भी तिजोरी खोली है। अब जब राहुल गांधी बोलेंगे तो उन्हें इन विकास योजनाओं और राज्य के हितों के बीच संतुलन बिठाकर अपनी बात रखनी होगी।

केंद्र सरकार ने टैक्स बंटवारे में राज्यों के हक को कम नहीं किया है। कुल कर का 41% हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा। इससे कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों को विकास कार्यों के लिए भारी-भरकम राशि मिलेगी। इसके अलावा बुनियादी ढांचे के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका बड़ा लाभ दक्षिण भारतीय राज्यों को मिलेगा। बेंगलुरु और हैदराबाद के निवासियों के लिए सबसे बड़ी सौगात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर है। बजट में घोषित 7 नए कॉरिडोर में से मुख्य रूट हैदराबाद-बेंगलुरु और चेन्नई-बेंगलुरु को जोड़ेंगे। इससे व्यापार और यातायात की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।

हिमाचल प्रदेश : पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स बनाए जाएंगे। इससे दुर्गम इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

कर्नाटक : कछुओं के संरक्षण के लिए टर्टल ट्रेल्स परियोजना शुरू होगी। इसका उद्देश्य कर्नाटक के तटीय पर्यटन को श्रीलंका और थाईलैंड के स्तर पर लाना है। वैसे, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सबसे ज्यादा टैक्स देने के बावजूद अपर भद्रा परियोजना के लिए अपने हक के 5300 करोड़ रुपये का इंतजार ही कर रहा है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब कांजीवरम साड़ी पहनकर बजट पेश करने पहुंचीं तो इसे महज पहनावा नहीं, बल्कि तमिलनाडु के आगामी चुनावों से जोड़कर देखा गया। बीजेपी दक्षिण में अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश में है। चेन्नई को दो बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और हाई स्पीड कनेक्टिविटी दी गई है। तमिलनाडु को क्रिटिकल मिनरल्स का हब बनाने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना होगी। थूथुकुडी के आदिचनल्लूर को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। नारियल और काजू की खेती करने वाले किसानों के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इन घोषणाओं को खाली वादे करार दिया। उन्होंने मदुरै AIIMS का हवाला देते हुए कहा कि बिना फंड और समय सीमा के ऐसी घोषणाएं केवल चुनावी जुमला बनकर रह जाती हैं।

केरल को विझिनजम पोर्ट से जोड़ने वाले रेयर अर्थ कॉरिडोर में शामिल किया गया है, जिससे वहां 42,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है। इसके अलावा कोकोनट प्रमोशन स्कीम से केरल के लाखों किसानों को फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वायनाड पैकेज और AIIMS जैसी पुरानी मांगों की अनदेखी पर सवाल उठाए। विजयन का आरोप है कि केंद्र सरकार उन राज्यों को सजा दे रही है, जो शिक्षा और स्वास्थ्य के मानकों पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

बजट 2026 ने विकास और राजनीति की ऐसी बिसात बिछा दी है, जहां केंद्र सरकार अपनी समावेशी छवि दिखाने की कोशिश कर रही है तो विपक्षी दल इसे चुनावी रणनीति बता रहे हैं।

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