छत्तीसगढ़

अच्छा और बड़ा सोचो, लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून जरूरी : कलेक्टर

कोरिया । कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए बड़ा सपना देखना और उसे पूरा करने का जुनून होना सबसे जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि लक्ष्य तय करें, नियमित अध्ययन करें और अपने शिक्षकों से निरंतर मार्गदर्शन लेते रहें। मेहनत और लगन से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

शुक्रवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पटना में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), सेवा केंद्र नया रायपुर द्वारा आयोजित प्रदर्शन-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंची कलेक्टर ने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने बांस शिल्प, वुडन आर्ट, पैरा आर्ट एवं पारंपरिक गोदना पेंटिंग की सराहना करते हुए कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। जरूरत केवल उसे पहचानने, निखारने और उचित मंच उपलब्ध कराने की है।

’कैरियर को लेकर किया संवाद, प्राचार्य को दिए काउंसिलिंग के निर्देश’

कलेक्टर ने बारहवीं की छात्राओं से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछे। छात्राओं ने डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, पुलिस अधिकारी और वकील बनने की इच्छा जताई। इस पर उन्होंने कहा कि केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके अनुरूप अभी से तैयारी करना भी आवश्यक है। उन्होंने प्राचार्य को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुसार समय-समय पर उनका मार्गदर्शन एवं काउंसिलिंग सुनिश्चित करें।

’प्रतिभाओं की सराहना, छात्राओं का बढ़ाया उत्साह’

कलेक्टर ने छात्राओं से नृत्य एवं संगीत में रुचि के बारे में भी चर्चा की। कक्षा सातवीं की छात्रा कुमारी दीपिका सोनवानी ने मधुर गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। छात्राओं ने कलेक्टर का आकर्षक चित्र भेंट किया। सरगुजा की प्रसिद्ध गोदना पेंटिंग कलाकार श्रीमती सफायन पावले ने कोसा शॉल पर निर्मित पारंपरिक गोदना कला की उत्कृष्ट कृति भेंट की, जबकि जशपुर के शिल्पकारों ने बांस एवं छीन से निर्मित हस्तशिल्प सामग्री भेंट की।

’छात्राओं ने सीखी वुडन-बंबू आर्ट, कलेक्टर ने बढ़ाया आत्मविश्वास’

जशपुर और सरगुजा से आए कारीगरों ने छात्राओं को वुडन आर्ट एवं बंबू आर्ट की तकनीक, निर्माण प्रक्रिया और शिल्प की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने वुडन-बंबू आर्ट सीखने वाले छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। छात्राओं ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ स्वरोजगार की नई संभावनाओं की जानकारी मिली है।

’डिजिटल लर्निंग लैब में एआर-वीआरतकनीक का लिया अनुभव’

कलेक्टर ने विद्यालय में संचालित ‘मिशन कामयाबी‘ के अंतर्गत विकसित डिजिटल लर्निंग लैब का अवलोकन किया तथा एआर (ऑगमेंटेड रियलिटी), वी आर (वर्चुअल रियलिटी), एक्सपीरिएंशियल लर्निंग और आधुनिक शिक्षण तकनीकों का स्वयं अनुभव किया।

उन्होंने कहा कि अब शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगी। आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थी विज्ञान, गणित, इतिहास एवं अन्य विषयों को देखकर, समझकर और स्वयं करके सीख सकेंगे। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता तथा 21वीं सदी के आवश्यक कौशल विकसित होंगे। कलेक्टर ने प्रशिक्षण दे रहे शिक्षक से कहा बहुत ही गम्भीरता से इस पर ध्यान दें ताकि हमारे बच्चे इन विषयों पर ज्यादा रूचि लेकर आगे बढ़ें।

’हुनर और तकनीक का संगम बनाएगा आत्मनिर्भर पीढ़ी’

कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समन्वय विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, रोजगारोन्मुख और आत्मनिर्भर बनाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में ऐसे नवाचार बच्चों के सपनों को नई उड़ान देंगे और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

इसके पहले छात्राओं ने कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव का टीका लगाकर स्वागत किया तथा स्कूल परिसर में श्रीमती यादव ने सीता फल का पौधरोपण किया औऱ बच्चों से कहा जब अवसर मिले तब पौधरोपण जरूर करें और उनकी देखभाल बच्चों की तरह ही करें।

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