छत्तीसगढ़

सरकारी जमीन को निजी बताकर बेचने की कोशिश का आरोप, जांच के बाद होगा सीमांकन

रायपुर। राजधानी के प्रोफेसर कॉलोनी सेक्टर-1 में भैया तालाब के पास स्थित शासकीय जमीन को निजी बताकर कब्जा करने और बेचने की कोशिश का मामला सामने आया है। मोहल्लेवासियों ने इसका विरोध करते हुए जोन कार्यालय से लेकर तहसील कार्यालय तक शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जोन कमिश्नर ने जांच के लिए इंजीनियरों की टीम भेजी थी। प्रारंभिक जांच में जमीन के संबंध में बताए जा रहे खसरा नंबर का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने की बात सामने आई है। इसके बाद जोन कमिश्नर ने तहसीलदार को पत्र लिखकर जमीन का दोबारा पारदर्शी तरीके से सीमांकन कराने कहा है।

60 फीट चौड़ी सड़क की जमीन भी दायरे में आने का आरोप

शिकायतकर्ता शुभांकर पांडेय, ईश्वर यादव, हेमंत, सीमा सहित अन्य मोहल्लेवासियों का आरोप है कि भैया तालाब के पास खाली पड़ी शासकीय जमीन पर कब्जा कर उसे बेचने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि इस जमीन की सुरक्षा के लिए मोहल्लेवासियों ने एक बोर्ड लगाया था, जिसे कथित तौर पर उखाड़कर फेंक दिया गया।

मोहल्लेवासियों के मुताबिक, विवादित जमीन का कुछ हिस्सा करीब 60 फीट चौड़ी मुख्य सड़क के दायरे में भी आता है। सड़क का संबंधित हिस्सा अभी पक्का नहीं बना है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सड़क के लिए निर्धारित जमीन पर भी कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

खसरा नंबर और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जमीन पर दावा करने के लिए जिस खसरा नंबर का हवाला दिया जा रहा है, ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार उस खसरा नंबर की जमीन पर पहले से मकान बना हुआ है। इसी आधार पर जमीन के वास्तविक स्वामित्व और सीमाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया है कि शासकीय जमीन को निजी बताकर बेचने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर की जा सकती है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और राजस्व रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।

सीमांकन रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

मोहल्लेवासियों की शिकायत पर जोन कमिश्नर ने इंजीनियरों की टीम से प्रारंभिक जांच कराई। इसके बाद तहसीलदार को पत्र लिखकर जमीन का दोबारा सीमांकन कराने का अनुरोध किया गया है।

जोन कमिश्नर का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और प्रारंभिक जांच में जमीन शासकीय प्रतीत होती है। इसलिए तहसीलदार को पारदर्शी तरीके से दोबारा सीमांकन कराने के लिए पत्र लिखा गया है। सीमांकन की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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