छत्तीसगढ़

 प्रोजेक्ट सम्बल से दिव्यांगजनों को मिल रहा स्वरोजगार का नया अवसर, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे कदम

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 50 दिव्यांगजनों को दिया गया विभिन्न उत्पादों के निर्माण एवं पैकेजिंग का प्रशिक्षण

स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार कर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित

रायपुर, 

प्रोजेक्ट सम्बल से दिव्यांगजनों को मिल रहा स्वरोजगार का नया अवसर, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे कदम

दिव्यांगजनों को हुनरमंद बनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रोजेक्ट सम्बल के माध्यम से सार्थक पहल की जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत टोहे में शुक्रवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 50 दिव्यांगजनों को कॉस्मेटिक उत्पाद, महुआ से खाद्य सामग्री तैयार करने और आकर्षक पैकेजिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

     प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत टोहे के आश्रित ग्राम घोटिया, ग्राम पंचायत कहगांव और ग्राम पंचायत चौकी के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रशिक्षक सुश्री हितेश्वरी निषाद ने बॉडी लोशन, फेस वॉश और बॉडी वॉश जैसे दैनिक उपयोग के कॉस्मेटिक उत्पाद बनाने की विधियां सिखाईं। वहीं, प्रशिक्षक सुश्री मोनिका निषाद ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध महुआ से अचार और लड्डू बनाने के साथ ही आलू पापड़ तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को उत्पादों की आकर्षक एवं व्यवस्थित पैकेजिंग की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में अपने उत्पादों को बाजार में बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

     प्रोजेक्ट सम्बल के माध्यम से दिव्यांगजनों की प्रतिभा और कार्यक्षमता को पहचानकर उन्हें कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्थानीय संसाधनों से मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इससे प्रतिभागियों को अपनी क्षमताओं का उपयोग कर लघु उद्यम स्थापित करने और आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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