15 नवंबर से धान खरीदी, उससे पहले AAP ने उठाए किसानों की समस्याओं पर सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने वाली है। इससे पहले किसानों के पंजीयन और गिरदावरी का काम पूरा नहीं होने पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकारी प्रक्रियाओं और तकनीकी दिक्कतों के चलते किसान परेशान हैं और धान बेचने को लेकर उनके बीच अनिश्चितता बनी हुई है।
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP के मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा, किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष तारेंद्र चंद्राकर, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और कार्यकारी जिलाध्यक्ष सागर क्षीरसागर ने किसानों की समस्याओं को उठाया।
पार्टी ने मांग की कि किसानों को धान का 3,508 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाए। AAP नेताओं के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से तीन वर्षों में MSP में कुल 258 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया 150 रुपये प्रति क्विंटल राशि जोड़कर किसानों को उचित भुगतान मिलना चाहिए।
AAP ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा देने की भी मांग की। पार्टी ने कहा कि पटवारियों की हड़ताल के बीच ऐप के जरिए रकबा संशोधन और समर्पण में गलतियां होने की आशंका है। इसलिए किसानों की स्पष्ट सहमति के बिना उनके खाते के रकबे में कोई बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।
इसके अलावा पार्टी ने धान खरीदी में अनिवार्य किए गए बायोमेट्रिक सत्यापन को खत्म करने की मांग की। नेताओं का कहना है कि सर्वर और नेटवर्क की समस्या के साथ बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने से खरीदी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
AAP ने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, 3,508 रुपये प्रति क्विंटल की मांग पर निर्णय नहीं लिया गया और बारिश से प्रभावित फसलों का मुआवजा नहीं मिला, तो पार्टी प्रदेशभर में किसानों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन करेगी।




