Dhanteras 2026: सोना-चांदी खरीदने का बजट नहीं? घर ले आएं ये 5 शुभ चीजें

धनतेरस 2026। दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है। इस दिन सोना, चांदी और नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर नई वस्तुएं घर लाने से सुख-समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है।
हालांकि, हर किसी के लिए इस दिन सोना-चांदी खरीदना संभव नहीं होता। ऐसे में अगर आपका बजट महंगे आभूषण या सिक्के खरीदने का नहीं है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। धार्मिक परंपराओं में कई ऐसी चीजों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें धनतेरस पर खरीदना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।
1. साबुत धनिया के बीज
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना शुभ माना जाता है। पूजा के समय इसे मां लक्ष्मी को अर्पित करने की परंपरा है। दीपावली के बाद इन बीजों को गमले या बगीचे में बोया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि धनिया के पौधे की हरियाली घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होती है।
2. पीतल या तांबे के बर्तन
सोने-चांदी के बर्तन खरीदना संभव न हो, तो पीतल या तांबे का छोटा बर्तन भी खरीदा जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं में पीतल को भगवान धन्वंतरि से जोड़कर देखा जाता है। परंपरा के अनुसार, नया बर्तन घर लाते समय उसमें चावल या शक्कर भरना शुभ माना जाता है।
3. झाड़ू खरीदना भी माना जाता है शुभ
धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। झाड़ू को घर की साफ-सफाई और दरिद्रता दूर करने का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि साफ-सुथरे घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदकर घर लाना शुभ माना जाता है।
4. कौड़ियां और गोमती चक्र
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीली कौड़ियां और गोमती चक्र मां लक्ष्मी से जुड़े शुभ प्रतीक माने जाते हैं। धनतेरस पर 5 या 11 पीली कौड़ियां खरीदकर लक्ष्मी पूजन के दौरान उन्हें अर्पित करने की परंपरा है। पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या अलमारी में रखा जाता है।
5. मिट्टी के दीये
धनतेरस पर मिट्टी के नए दीये खरीदना भी शुभ माना जाता है। दीपावली में दीयों का विशेष महत्व है। इनसे घर और आंगन रोशन किए जाते हैं। इसके साथ ही दीपावली पूजन के लिए चीनी के खिलौने खरीदने की भी परंपरा है।
आस्था और परंपरा से जुड़ा है धनतेरस
धनतेरस पर खरीदारी का उद्देश्य केवल महंगी वस्तुएं घर लाना नहीं, बल्कि शुभता, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना भी है। आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार इन पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। ध्यान रखें कि इन चीजों से जुड़ी समृद्धि और बरकत की बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें निश्चित आर्थिक लाभ की गारंटी नहीं समझना चाहिए।




