ऑक्सीजन प्लांट बंद, निजी अस्पतालों पर लूट के आरोप; AAP ने सरकार से पूछे तीखे सवाल

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है और आयुष्मान भारत योजना के नाम पर कई निजी अस्पतालों में कथित अनियमितताएं की जा रही हैं। AAP ने ऐसे अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सरकारी अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट बंद होने पर उठाए सवाल
रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी के नेता विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि राजधानी के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर प्लांट लगाए गए थे, लेकिन कई प्लांट लंबे समय से बंद पड़े हैं।
AAP नेताओं के मुताबिक, माना सिविल अस्पताल में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट तीन साल से बंद है। वहीं जिला अस्पताल का 1.5 करोड़ रुपये का प्लांट वर्ष 2021 से ठप पड़ा है। पार्टी का आरोप है कि प्लांट बंद होने के कारण हर महीने करीब 3.5 लाख रुपये की ऑक्सीजन खरीदी जा रही है।
नेताओं ने कहा कि प्लांट दोबारा शुरू नहीं होने के पीछे तकनीकी कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है। उन्होंने इस मामले में खर्च और खरीद प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
660 करोड़ की खरीदी पर भी सरकार से जवाब मांगा
प्रेस वार्ता में CGMSC और NHM से जुड़ी करीब 660 करोड़ रुपये की रीजेंट एवं मेडिकल उपकरण खरीदी को लेकर भी सवाल उठाए गए। AAP नेताओं ने पूछा कि यदि इस खरीद प्रक्रिया में सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है, तो उसकी भरपाई कैसे होगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की गई?
पार्टी ने इस मामले में जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।
जशपुर में गर्भवती महिला की मौत का मामला उठाया
AAP नेताओं ने जशपुर जिले में एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गर्भवती महिला की मौत का मामला भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बगीचा विकासखंड में संबंधित स्वास्थ्य केंद्र करीब डेढ़ साल से बंद है।
पार्टी नेताओं का कहना था कि जब मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी स्थिति है, तो प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में आम लोगों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
आयुष्मान योजना में गड़बड़ी के आरोप, 16 अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग
आम आदमी पार्टी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में पिछले दो वर्षों के दौरान 70 अस्पतालों को दोषी पाया गया है और 16 निजी अस्पतालों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
AAP का आरोप है कि कुछ अस्पतालों में एजेंटों के जरिए मरीजों को भर्ती कराया जाता था, बिना चिकित्सकीय जरूरत के इलाज दिखाया जाता था और फर्जी दस्तावेजों के साथ इलाज के पैकेज में गलत कोडिंग कर सरकारी राशि का भुगतान लिया जाता था।
पार्टी ने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में केवल आयुष्मान योजना का पंजीयन रद्द करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इन अस्पतालों के खिलाफ FIR की मांग
AAP नेताओं ने जिन अस्पतालों के नाम लेकर कार्रवाई की मांग की, उनमें रायपुर के सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसके केयर अस्पताल, श्री अनंत साई अस्पताल, श्री महावीर अस्पताल, श्रीनिवास अस्पताल, वरदान अस्पताल, हेरिटेज अस्पताल और श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल शामिल हैं।
इसके अलावा पल्स अस्पताल दुर्ग, नेताम अस्पताल एवं इन्फर्टिलिटी सेंटर कोंडागांव, हरि कृष्णा केयर अस्पताल कोरबा, स्वामी चंद्रशेखरानंद अस्पताल बस्तर, जय जगन्नाथ हेल्थकेयर कबीरधाम, अशोक प्रसूति मंदिर बिलासपुर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल बिलासपुर और श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दुर्ग का नाम भी लिया गया।
पार्टी के अनुसार, रायपुर के आठ अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर 3 नवंबर को पुलिस उपायुक्त पश्चिम को ज्ञापन सौंपा गया था।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं और जरूरी जांच मशीनें खराब पड़ी हैं। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों में मरीजों से कथित तौर पर मनमानी वसूली की जा रही है। पार्टी ने सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
आम आदमी पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा कथित अनियमितताओं में शामिल अस्पतालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वह प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
महत्वपूर्ण: इस पूरे मामले में अस्पतालों के खिलाफ लगाए गए आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं के बयान पर आधारित हैं। संबंधित अस्पतालों का पक्ष और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।




