छत्तीसगढ़

आपसी संवाद बढाकर समाज को संगठित करना है : डॉ पूर्णेंदु सक्सेना

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, रायपुर महानगर की कुल 21 बस्ती में हुआ पथ संचलन
  • कार्यक्रमों में बतौर मुख्य वक्ता अखिल भारतीय स्तर के अधिकारी भी रहे मौजूद

रायपुर : आपसी संवाद बढाकर समाज को संगठित करना अपना कर्तव्य है . हिन्दू समाज में पहले आपस में संवाद की कमी के कारण विधर्मी 1200 वर्षों तक शासन करते रहे. अब संघ के शताब्दी वर्ष में समाज अभिसरण की योजना बना रहा है. उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेंदु सक्सेना ने दीनदयाल नगर के डी डी नगर के दुर्गा गार्डन सेक्टर 2 में विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा. उन्होंने संघ के सौ वर्ष की संघर्षशील और विकासशील यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि संघ अपने विविध कार्यक्रमों वृहद् गृह संपर्क अभियान, सामाजिक सद्भाव बैठक, युवाओं के कार्यक्रम, प्रमुखजन गोष्ठी के माध्यम से सम्पूर्ण हिन्दू समाज को संगठित करने का कार्य करेगा.
उन्होंने पञ्च परिवर्तन के बारे में बतलाते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष के बाद प्रमुखजन के सहयोग से इन पांच कार्य – सामाजिक समरसता, कुटुंब-प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन-शैली और नागरिक कर्तव्य को अपने व्यवहार में उतारने का आग्रह करेगा. इस दौरान यहाँ मुख्य अतिथि रहे छत्तीसगढ़ी फिल्म के प्रसिद्ध निर्देशक सतीश जैन ने कहा कि यह संघ का प्लेटिनम इयर है. साथ ही उन्होंने संघ की समाज में लोकप्रियता का उल्लेख किया. इस कार्यक्रम में प्रांत संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा भी मौजूद थें.
वहीँ वीर सावरकर नगर के कबीरनगर बस्ती के कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता रहे अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सुनील कुलकर्णी ने कहा कि संघ कार्य ने शताब्दी वर्ष पूर्ण किया है. यह 100 वर्ष का रास्ता आसान नहीं था , इसमें लाखों करोड़ों स्वयंसेवको का त्याग, तपस्या, बलिदान रहा हैं. उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन पर जोर देते हुए कहा कि पंच परिवर्तन से देश के अन्दर समाज में बेहद परिवर्तन देखने को मिलेगा. सभी हिन्दू समाज को एकजुट होकर देश निर्माण में आगे आना होगा तो निश्चित ही भारत विश्व गुरु बनने की राह पर चलेगा। यहाँ मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध किसान बुलाकी वर्मा मौजूद थें.
रायपुर महानगर के कुल 21 बस्तियों में विजयादशमी उत्सव मनाया गया तथा संचलन किया गया. इन बस्तियों में से महोबा बाजार में नगर सह संघचालक विवेक केसरवानी मुख्य वक्ता रहें. इसी प्रकार महामाई पारा में लवकुश तिवारी, चौबे कॉलोनी में अनिल जी डागा, चांगोरभाठा बस्ती में आकाशदीप गुप्ता, सुंदर नगर में उदय रावले, कमल विहार में एच एन पांडे, बुढ़ापारा बस्ती में संजय दुबे, प्रियदर्शनी नगर में महानगर प्रचारक मनोज कश्यप, राजेंद्र नगर में राजीवकांत, न्यू शांति नगर में राकेश जैन, गांधी चौक सड्डू में त्रिभुवन नारायण सिंह, देवेंद्र नगर सेक्टर 3 में जगदीश पटेल, रामनगर में श्री नकुल, दानवीर भामाशाह बस्ती में रमन तांडी, रावाभाटा में संतोष सिंह, विजयनगर में मनोज जी, सरोरा में राघव जोशी, गायत्री नगर बंजारी में राजेश भार्गव, रामकुंड में मनीष कश्यप ने मुख्य वक्ता के रूप में उद्बोधन दिया.
संपूर्ण कार्यक्रम में वक्ताओं ने संघ की शताब्दी वर्ष की यात्रा में किये गए संघ कार्य को समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए पंच परिवर्तन को अपनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। कई वक्ताओं ने संघ के सौ वर्षों की यात्रा को चार चरण की यात्रा का नाम दिया. इस चार चरणों में पहला चरण – 192 से 1948 का उपहास और तिरस्कार का , दूसरा- 1948 से 1972 का दमन और अत्याचार का था, तीसरा-1971-2011 संघर्ष व आंदोलन का था. वहीँ चौथा, 2011 से अब तक को विजय ही विजय का नाम दिया.
आगामी 15 अक्टूबर तक बस्तीशः विजयादशमी का कार्यक्रम होता रहेगा. रायपुर महानगर के कुल 14 नगर के 131 बस्ती में गत 25 सितम्बर से पथ संचलन का कार्यक्रम हो रहा है.
पूरे रायपुर महानगर में कुल 1529 गणवेशधारी स्वयंसेवक शामिल हुए तथा समाज से 601 गणमान्य लोग उपस्थित हुए. सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही.

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