छत्तीसगढ़

जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी अनिवार्य रूप से प्रारम्भ सुनिश्चित करें

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित कर केन्द्रों में निगाह रखने के निर्देश दिए
समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा

उत्तर बस्तर कांकेर, .छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले के सभी 149 उपार्जन केन्द्रों में धान की खरीदी अनिवार्यतः सुनिश्चित करते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ करें। इस कार्य को बाधित करने वालों के विरूद्ध सख्ती से कार्यवाही करें तथा सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने अनुभाग के अधीनस्थ केन्द्रों में धान खरीदी कार्य पर लगातार निगाह रखते हुए किसानों को सुविधापूर्ण ढंग से धान बेचने के संबंध में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। आज आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उक्ताशय के निर्देश देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में धान-खरीदी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सभी उपार्जन केन्द्रों में नए डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति कर ली गई है तथा विभाग द्वारा उन्हें नवीन यूजर आईडी और पासवर्ड प्रदाय कर धान की खरीदी सुचारू रूप से कराई जा रही है।
धान-खरीदी एस्मा एक्ट के दायरे में, सहयोग नहीं करने पर की जाएगी सख्ती से कार्रवाई
      आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि केन्द्रों में पुराने कम्प्यूटर ऑपरेटर के नहीं लौटने की स्थिति में नवनियुक्त ऑपरेटरों से कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने सभी उपार्जन केन्द्रों में इंटरनेट की उपलब्धता, सभी आवश्यक उपकरण, साफ-सफाई, हमालों की व्यवस्था सहित किसानों के लिए छाया, पेयजल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही यह भी बताया कि राज्य शासन की यह सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य होने के कारण इसे आवश्यक सेवा संधारण अधिनियम-1979 (एस्मा एक्ट) के दायरे में लाया गया है तथा इसमें सहयोग नहीं करने वाले जिले के 02 समिति प्रबंधक, 02 डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा 01 केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। अतः इस कार्य में सहयोग नहीं करने अथवा बाधित करने वालों के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा आगे भी सख्ती से कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने इसे सभी विभागों को गम्भीरता से लेने के लिए भी निर्देशित किया।
           बैठक में कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केन्द्र भवनों का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कोयलीबेड़ा, दुर्गूकोंदल तथा अंतागढ़ जनपद पंचायतों के सी.ई.ओ. को शीघ्रता से पूर्ण कराने हेतु निर्देश दिए। इसके अलावा कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अप्रारम्भ निर्माण कार्यों को प्रारम्भ कराने और अपूर्ण कार्यों में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा डीएमएफ और विशेष केन्द्रीय सहायता मद के कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सभी जनपद पंचायत के सी.ई.ओ. को आवश्यक निर्देश दिए। शहर के भीतर सड़क निर्माण कार्यों में भी गति लाने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया। इसी तरह जिला एवं अधीनस्थ कार्यालयों में ई-ऑफिस के कार्यों अपेक्षित गति लाने के लिए सभी अधिकारियों को ऑनलाइन माध्यम से फाइल मूव करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही जिले में पोषण पुनर्वास केन्द्र, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, आयुष्मान वय वंदना योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सामाजिक अंकेक्षण आदि कार्य में तेजी लाने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके लिए लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक के अंत में नशामुक्त भारत अभियान के तहत कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक तौर पर जागरूक करने और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में नशा नहीं करने की शपथ दिलाई। इस दौरान डीएफओ श्री हेमचंद पहारे, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री हरेश मण्डावी, अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुर्रे, श्री ए.एस. पैकरा, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी और जिला स्तर के अधिकारीगण मौजूद थे.

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