संत युधिष्ठिरलाल ने शदाणी दरबार मे सेवादारियों से मुलाक़ात कर दिया आशीर्वाद.


रायपुर स्थित पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में परम पूज्य सतगुरु संत राजाराम साहब जी का 66 वां वर्सी महोत्सव 10 से 13 मार्च 2026 को बड़ी ही धूमधाम के साथ सेवा के रूप में मनाया गया। शदाणी दरबार के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी ने बताया कि शदाणी दरबार के वर्तमान पीठाधीश संत युधिष्ठिर लाल जी मानव सेवा ही माधव सेवा को चरित्रार्थ करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनातन का परचम लहरा रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन एवं सानिध्य में यह अंतरराष्ट्रीय महोत्सव सेवा वर्ष के रूप में मनाया जाता है मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी ने बताया कि मानव सेवाकार्य की इस परंपरा को शदाणी दरबार के सभी सेवादारियों ने आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर सेवाकार्य किया. संत राजाराम साहेब जी की 66 वीं वर्सी महोत्सव मे मानव सेवा के अनेको सेवाकार्य होते है जैसे तीन दिवसीय वर्सी महोत्सव मे आये हुवे संत महात्माओं व मुख्य अतिथियों और सामाजसेवियो के साथ साथ भक्तजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इन सबकी जिम्मेदारी मुख्यरूप से शदाणी दरबार के सेवादारीयों की होती है जिसे यें आपस मे बाँटकर अपने अपने मानव सेवाकार्य मे लग जाते है इसी वजह से सभी सेवादारी वर्सी महोत्सव मे होने वाले किसी भी कार्यक्रम मे नहीं जा पाते है और न ही संत महात्माओं का आशीर्वाद लें पाते है सेवादारी सिर्फ अपने मानव सेवाकार्य की भक्ति मे मस्त रहते है कहते है न भक्त की सच्ची भक्ति को भगवान ही समझते है शदाणी दरबार के संत शिव अवतारी युधिष्ठिरलाल जी ने स्वयं वर्सी महोत्सव की समाप्ति के पश्चात् शदाणी दरबार मे सेवादारिओ श्याम चावला , अजय वैध , अमित चावला , विशिष्ट चावला , श्याम शदाणी , शदाणी चावला , मोहन होतवनी और अगस्ती को बुलाकार बातचीत की जहाँ सभी सेवादारियों ने जय जय शदाराम के नारे लगाते हुए संत युधिष्ठिरलाल जी से आशीर्वाद लिया और उनका आभार व्यक्त किया. **पाकिस्तान के सिंध प्रान्त से सिर्फ एक परिवार पंहुचा संत राजाराम साहेब जी की 66 वीं वर्सी महोत्सव में ** संत राजाराम जी 66 वीं वर्सी महोत्सव मे हर साल पाकिस्तान से तीर्थयात्रियों का जत्था रायपुर के पूज्य तीर्थ स्थल शदाणी दरबार में पहुँचता था लेकिन इस बार किसी भी तीर्थंयात्रियों को पाकिस्तान से रायपुर का सीधा वीज़ा नहीं दिया गया. शदाणी दरबार के मीडिया प्रभारी विक्की पंजवानी बताया कि पाकिस्तान के सिंध प्रान्त के हयात पिताफी शहर से आतम दास कुकरेजा अपनी पत्नी सिमरता कुकरेजा के साथ पाकिस्तान से दुबई गये और दुबई से दिल्ली पहुंचे और दिल्ली से ट्रेन का सफर करके रायपुर पहुंचे जहाँ डॉक्टर भीषम शदाणी और श्याम चावला ने उनका स्वागत किया.




