छत्तीसगढ़

जनसरोकार की पत्रकारिता का सम्मान: वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव हुए अलंकृत,लोकमाया के 16वें स्थापना दिवस पर दशकों की निर्भीक कलम को मिला मंच से सम्मान…..

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित दैनिक अख़बार लोकमाया के 16वें स्थापना दिवस समारोह में जनसरोकार की पत्रकारिता को नई पहचान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीँ महेंद्र धुर्वे अंडर 19 राष्ट्रीय वालीबॉल कांस्य पदक विजेता, हर्षवर्धन जी अध्यक्ष नवउदय जनसेवा संस्थान को (सामाजिक, पर्यावरण एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान) के लिए स्व. श्याम बिहारी भटनागर की स्मृति में दिए गए इस सम्मान के साथ उन्हें स्मृति-पत्र एवं सम्मान निधि प्रदान की गई।
बस्तर का विकास एवं नक्सलवाद के अंत पर परिचर्चा:
इस कार्यक्रम में बस्तर के विकास एवं नक्सलवाद के अंत पर भी परिचर्चा हुई, तथा सभी अतिथियो द्वारा अपने अपने वक्तव्य भी रखे।
समारोह में सत्ता, प्रशासन और पत्रकारिता जगत के दिग्गजों की मौजूदगी ने सम्मान की गरिमा को और बढ़ाया।
निर्भीक रिपोर्टिंग और जमीनी सरोकारों की पहचान:
सुनील नामदेव को वर्षों से निर्भीक, तथ्यपरक और आमजन के मुद्दों पर केंद्रित पत्रकारिता के लिए जाना जाता है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी समस्याओं तक उनकी रिपोर्टिंग ने प्रशासनिक तंत्र का ध्यान जनहित के प्रश्नों पर खींचा। सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर उनकी निरंतर कलम ने पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूती दी है।
युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत:
सम्मान समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सुनील नामदेव का काम युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक है। खबरों की गहराई, स्रोतों की विश्वसनीयता और संवेदनशील विषयों पर संतुलित प्रस्तुति उनकी पहचान रही है। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठों ने कहा कि ऐसे पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता को सशक्त करते हैं।
गरिमामय मंच पर मिला सम्मान:
लोकमाया के स्थापना दिवस कार्यक्रम के प्रमुख अतिथियों में सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, डॉ रेणु जोगी, जयसिंह अग्रवाल शामिल रहे। दिग्गजों की उपस्थिति में सुनील नामदेव का सम्मान पत्रकारिता के प्रति समाज के भरोसे का प्रतीक बना।
सम्मान ने बढ़ाई जिम्मेदारी:
सम्मान प्राप्त करने के बाद सुनील नामदेव ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए नई जिम्मेदारी है और वे आगे भी निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने लोकमाया जैसे मंचों को जनसरोकार की आवाज़ बुलंद करने का सशक्त माध्यम बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री स्व अजीत जोगी की अनकही कहानी किताब का विमोचन: रेणु जोगी
इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री स्व अजीत जोगी की अनकही कहानी के पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जो डॉ रेणु जोगी द्वारा लिखी गई है।

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