किडनी में स्टोन का रिस्क दोगुना कर देती है ये 7 लाइफस्टाइल हैबिट, आज से ही कर लें तौबा

किडनी में स्टोन होने पर तेज दर्द कई बार परेशान करता है। काफी सारे लोगों को किडनी में स्टोन की समस्या रहती है। खासतौर पर पुरुषों में ये संख्या महिलाओं की तुलना में ज्यादा देखने को मिलती है। दरअसल, किडनी में स्टोन होना भी आपकी खराब लाइफस्टाइल को ही इंडिकेट करता है। आमतौर पर लोगों का मानना है कि नमक ज्यादा खाने या पानी कम पीने की वजह से किडनी में स्टोन बन जाते हैं। लेकिन किडनी में स्टोन के लिए ये 7 कारण भी जिम्मेदार होते हैं।
मॉर्निंग की शुरुआत स्ट्रांग कॉफी या चाय
सुबह गर्मागर्म चाय या कॉफी से दिन की शुरुआत ज्यादातर लोगों को पसंद है। लेकिन सुबह बिल्कुल खाली पेट जब आपने कुछ ना खाया पिया हो और केवल चाय या कॉफी पी लिया। तो ये ज्यादा नुकसान करती है। दरअसल, चाय और कॉफी दोनों में ऑक्सलेट्स होते हैं। खासतौर पर हेल्दी लगने वाली ब्लैक टी में, जिसे आप जब ज्यादा मात्रा में या फिर खाली पेट पीते हैं तो किडनी में ऑक्सलेट कैल्शियम को बांध लेती हैं और वो क्रिस्टल बन जाते हैं। इसलिए सुबह की चाय या कॉफी पीने के पहले कम से कम हल्का गुनगुना पानी पिएं या फिर कुछ खा लें।
बिना बैलेंस के ही मीट और एग खाना
प्रोटीन इनटेक बढ़ाने के लिए आप एनिमल प्रोटीन पर फिक्स हैं। मीट और अंडे भरपूर मात्रा में खाते हैं। जिससे मसल्स बिल्डअप हो और एनर्जी मिले। लेकिन मीट खाने की वजह से उसमे मौजूद प्रोटीन यूरिन को एसिडिक बना देता है। जिसकी वजह से कैल्शियम शरीर के बाहर चला जाता है और साइट्रेट का लेवल नीचे हो जाता है। जबकि किडनी स्टोन को बनने से रोकने में ये मदद करते हैं। स्टडी के मुताबिक एनिमल प्रोटीन की वजह से किडनी स्टोन सबसे ज्यादा बनते हैं। इसलिए अगर किडनी स्टोन से बचना चाहते हैं तो मीट और अंडे से प्रोटीन की कमी पूरी करने के बजाय हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा प्लांट बेस्ड प्रोटीन खाएं। खीरा और केला खाने से किडन स्टोन का खतरा कम होता है।
ब्रेकफास्ट और खाना छोड़ना
खाना टाइम पर नहीं खाते हैं तो यूरिन में दिन के अंत में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाता है। जब बॉडी को रेगुलर न्यूट्रिशन नहीं मिलते हैं तो ये एनर्जी के लिए मसल्स के टिश्यू को तोड़ने लगती है। जिससे यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता है। स्टडी में पाया गया है कि जब मील का पैटर्न एक जैसा नहीं होता, इंसान एक टाइम पर रोजाना खाना नहीं खाता है तो शरीर में होने वाले मेटाबॉलिक चेंजस की वजह से स्टोन बनते हैं। इसलिए ब्रेकफास्ट से लेकर लंच टाइम पर करना चाहिए।
कम पानी पीना
प्यास अगर नहीं लगी तो पानी कम मात्रा में पीना। लो वाटर इनटेक की वजह से यूरिन गाढ़ी हो जाती है। जिसकी वजह से ज्यादा रिस्क रहता है कि यूरिन में मौजूद कैल्शियम और ऑक्सलेट आपस में स्टिक हो जाए और स्टोन बन जाए। स्टडी में पता चला है कि जिन लोगों का यूरिन पतला होता है उनमे स्टोन का रिस्क कम होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और कभी-कभी कुछ बूंद नींबू के रस की पानी में डालकर पीना चाहिए। नींबू में मौजूद साइट्रेट स्टोन बनने के प्रोसेस को रोकता है।
बहुत ज्यादा पालक, नट्स और चुकंदर खाना
हेल्दी फूड खाना अच्छा होता है। लेकिन किसी भी तरह के खाने की ज्यादा मात्रा नुकसान कर सकती है। जैसे कि अगर आप लगतार सालों से पालक, चुकंदर और नट्स को बहुत ज्यादा या रोजाना खाते हैं। तो किडनी का रिस्क रहता है। स्टडी के मुताबिक हाई ऑक्सलेट फूड जिनमे कैल्शियम नहीं होता। उनसे किडनी स्टोन का रिस्क ज्यादा रहता है।
बहुत देर तक यूरिन रोक कर रखने की आदत
अक्सर काम के सिलसिले में या सफर के दौरान यूरिन को रोककर रखते हैं। तो इससे किडनी में स्टोन बनने का खतरा रहता है। इसलिए छोटे ब्रेक लेकर यूरिन पास जरूर करनी चाहिए।
जरूरत से ज्यादा कैल्शियम की दवाएं खाना
कैल्शियम के सप्लीमेंट्स अगर ज्यादा मात्रा में ले रहे हैं और किसी डॉक्टर से सलाह नहीं ली है। तो इससे यूरिन में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाता है। खासतौर पर जब बिना खाना खाए ये दवाएं ली जाती है। तो इनसे भी किडनी में स्टोन का खतरा रहता है।




