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आज भारत में सोना-चांदी की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी, जानिए सोने-चांदी का ताजा भाव

आज के बदलते दौर में निवेश के लिए सोना हमेशा से ही पहली पसंद रहा है, लेकिन फिलहाल बाजार का रुख कुछ अलग ही कहानी बयां कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल और डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की चमक कीमतों में मामूली बढ़त आई है। 7 मार्च 2026 की सुबह निवेशकों के लिए मिला-जुला संदेश लेकर आई है, जहां कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। चलिए जानते हैं कि आज आपके शहर में सोने और चांदी के क्या भाव चल रहे हैं और गिरावट की मुख्य वजह क्या है।

सोने और चांदी के ताजा भाव

7 मार्च की शुरुआती ट्रेडिंग में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,63,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज की गई है। वहीं अगर हम चांदी की बात करें तो इसकी कीमतों में भी नरमी देखी गई है और यह 2,85,000 रुपये प्रति किलो पर है। 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में भी मामूली बढ़त का यह सिलसिला लगातार जारी है।

पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2 मार्च से 6 मार्च के बीच बाजार में मंदी का माहौल बना रहा। हालांकि मध्य पूर्व में तनाव जैसी भू-राजनीतिक स्थितियों के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी थी, फिर भी कीमतें नीचे ही रहीं। इस साप्ताहिक गिरावट ने उन लोगों को थोड़ा राहत दी है जो शादी-ब्याह के सीजन के लिए गहने खरीदने की योजना बना रहे थे।

बाजार में गिरावट के बड़े कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने की कीमतों पर असर डाला है। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी मुद्रास्फीति की चिंताओं को हवा दी है जिससे निवेशकों का रुझान बदला है। इन वैश्विक कारणों के चलते भारतीय वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर भी सोने की कीमतें शुक्रवार शाम तक स्थिर बनी रहीं।

अमेरिका में बेरोजगारी की दर उम्मीद से ज्यादा बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है, जो वहां के लेबर मार्केट की खराब स्थिति को दर्शाती है। इस खबर ने वैश्विक निवेशकों के बीच मंदी की आशंकाओं को और ज्यादा गहरा कर दिया है जिससे बाजार में अस्थिरता है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति भी सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।

सुरक्षित निवेश और भविष्य के संकेत

आर्थिक अस्थिरता के इस दौर में सोना अभी भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, लेकिन मौजूदा हेडविंड्स इसे ऊपर नहीं जाने दे रहे। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार डॉलर की तरलता की तलाश में जुटे निवेशक फिलहाल सोने की कीमतों को लेकर काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और अमेरिकी बाजार के आंकड़ों पर सबकी नजर बनी रहेगी जो अगले भाव तय करेंगे।

भारत में सोने की कीमतों में गिरावट का यह दौर निवेशकों के लिए एक अवसर भी हो सकता है और सावधानी का संकेत भी। अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो बाजार की इस हलचल को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है। अपनी मेहनत की कमाई को सही जगह लगाने के लिए हमेशा विशेषज्ञों की सलाह लें और बाजार के ताजा अपडेट्स पर नजर रखें।

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