जिस बजट में युवा के रोजगार का ‘रास्ता’ न हो, वह प्रदेश के विकास का ‘संकल्प’ नहीं हो सकता: मिथलेश साहू (AAP नेता)

बजट में युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं, केवल आंकड़ों की बाजीगरी: मिथलेश साहू
रायपुर: आम आदमी पार्टी के नेता मिथलेश साहू ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए हालिया बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला बजट करार दिया है। बजट की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “जिस बजट में प्रदेश के करोड़ों युवाओं के रोजगार का कोई स्पष्ट रास्ता न हो, वह प्रदेश के सर्वांगीण विकास का ‘संकल्प’ कतई नहीं हो सकता।”
मिथलेश साहू ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर युवाओं को केवल कागजी आंकड़ों और बड़े-बड़े वादों में उलझा कर रख दिया है। आज प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा बेरोजगारी की मार झेल रहा है, लेकिन बजट में नई भर्तियों या स्वरोजगार के लिए किसी भी क्रांतिकारी योजना का अभाव है।
बजट समीक्षा के मुख्य बिंदु:
भर्तियों पर चुप्पी: सरकारी विभागों में रिक्त पड़े हजारों पदों को भरने के लिए बजट में कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।
कौशल विकास का अभाव: केवल पुराने केंद्रों को चलाने की बात कही गई है, आधुनिक उद्योगों के अनुसार नई स्किलिंग पर कोई जोर नहीं है।
स्टार्टअप्स को निराशा: नए उद्यमियों और स्थानीय युवाओं के स्टार्टअप्स के लिए किसी विशेष फंड या सब्सिडी का प्रावधान नहीं किया गया है।
केवल विज्ञापन पर जोर: सरकार विकास का ढिंढोरा तो पीट रही है, लेकिन धरातल पर युवाओं के पास काम नहीं है।
मिथलेश साहू ने आगे कहा कि, “आम आदमी पार्टी मांग करती है कि सरकार इस बजट में संशोधन कर युवाओं के लिए ‘रोजगार गारंटी योजना’ और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए विशेष प्रावधान करे। बिना युवाओं की भागीदारी और उनकी आर्थिक मजबूती के, प्रदेश के विकास का सपना कभी पूरा नहीं होगा।”



