सावधान! गाजर-चुकंदर का जूस इन 4 लोगों के लिए है खतरनाक, फायदे की जगह पहुंचा सकता है अस्पताल!

सर्दियों के मौसम में गाजर और चुकंदर को अमृत समान माना जाता है। यह कॉम्बिनेशन न केवल शरीर में खून की कमी को दूर करता है बल्कि त्वचा पर गजब का निखार भी लाता है। हालांकि आयुर्वेद और विज्ञान दोनों चेतावनी देते हैं कि हर किसी के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता।
सर्दियों में गाजर और चुकंदर का जूस शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में इसे रक्त धातु को पुष्ट करने वाला और ओज बढ़ाने वाला पेय माना गया है। आधुनिक विज्ञान भी इसे एक बेहतरीन नेचुरल ब्लड बूस्टर ड्रिंक मानता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, नाइट्रेट और फोलेट रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं और हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाते हैं।
सेहत के लिए अनगिनत फायदे
- यह जूस लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और शरीर से जहरीले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह पित्त के संतुलन को भी बनाए रखता है।
- गाजर में मौजूद विटामिन-A आंखों की रोशनी बढ़ाता है जबकि चुकंदर के एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री-रैडिकल डैमेज को कम कर त्वचा का रूखापन दूर करते हैं।
- अगर आप थकान महसूस करते हैं तो यह रस शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करने का सबसे शुद्ध स्रोत है।
इन लोगों के लिए है खतरनाक
जितना यह जूस सेहतमंद है उतना ही कुछ लोगों के लिए जोखिम भरा भी हो सकता है।
मधुमेह
गाजर और चुकंदर दोनों में प्राकृतिक मिठास अधिक होती है। जूस के रूप में इनका सेवन रक्त में शुगर के स्तर को अचानक बढ़ा सकता है जो डायबिटीज मरीजों के लिए घातक है।
पथरी
चुकंदर में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है। यदि आपको पथरी की समस्या है तो यह जूस स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
लो ब्लड प्रेशर
चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट्स रक्तचाप को कम करने का काम करते हैं। लो-बीपी के मरीजों को इसका सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं
गर्भावस्था के दौरान शरीर की स्थिति संवेदनशील होती है इसलिए डाइट में इसे शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना अनिवार्य है।
गाजर-चुकंदर का जूस पोषण का पावरहाउस है लेकिन इसका सेवन अपनी शारीरिक स्थिति को समझकर ही करना चाहिए। यदि आप ऊपर दी गई किसी भी श्रेणी में आते हैं तो स्वाद के चक्कर में अपनी सेहत से समझौता न करें।




