छत्तीसगढ़

बिलासपुर–झारसुगुड़ा 206 किमी चौथी रेल लाइन परियोजना हो रहा पूर्णता की ओर अग्रसर ।

अब तक लगभग 180 किमी चौथी रेल लाइन का कार्य पूर्ण

सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती के मध्य 22.2 किमी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन को सीआरएस की मंजूरी ।

बिलासपुर, रेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा ट्रेनों के सुरक्षित, तीव्र एवं सुचारु परिचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में नई रेल लाइनों के निर्माण, दोहरीकरण तथा तृतीय एवं चतुर्थ रेल लाइन परियोजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर–झारसुगुड़ा रेलखंड के मध्य लगभग 206 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा रहा है।

यह रेलखंड हावड़ा–मुंबई ट्रंक लाइन पर अवस्थित एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यस्त मार्ग है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अब तक लगभग 180 किलोमीटर चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिससे इस रेलखंड पर क्षमता विस्तार का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।

इसी परियोजना के अंतर्गत सारागांव देवरी–बाराद्वार–जेठा–सक्ती स्टेशनों के मध्य 22.2 किलोमीटर लंबी नई विद्युतीकृत चौथी रेल लाइन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इंटरलॉकिंग सहित सभी आवश्यक तकनीकी कार्यों की पूर्णता के पश्चात दक्षिण पूर्व सर्किल के आयुक्त, रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) श्री बी.के. मिश्रा द्वारा दिनांक 05 एवं 06 मार्च 2026 को इस रेलखंड का निरीक्षण किया गया।

सभी परीक्षण एवं औपचारिकताओं के संतोषजनक पाए जाने के पश्चात आयुक्त, रेलवे सेफ्टी द्वारा इस नई चौथी रेल लाइन पर रेल परिचालन के लिए अधिकृत (Authorization) प्रदान कर दिया गया है। इस अनुमति के साथ ही उक्त रेलखंड पर सवारी एवं मालगाड़ियों के सुरक्षित एवं नियमित परिचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

हावड़ा–मुंबई ट्रंक लाइन पर स्थित इस महत्वपूर्ण रेलखंड में चौथी रेल लाइन की कमीशनिंग से ट्रेन परिचालन में गतिशीलता आएगी तथा ट्रेनों का समयबद्ध संचालन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र के उद्योग एवं व्यापार को नई गति मिलेगी तथा रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, इस व्यस्त मार्ग पर बढ़ते यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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