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हैदराबाद में छत्तीसगढ़ की विभूतियों को मिला प्रतिष्ठित ‘सेवा रत्न सम्मान-2026’

हैदराबाद,  अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग (IHRPC) तेलंगाना प्रदेश द्वारा हैदराबाद के प्रकाशम हॉल ऑडिटोरियम, गांधी भवन में भव्य “सेवा रत्न अवार्ड्स-2026” का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से समाज सेवा, जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।

इस वर्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश से जनहित और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों श्री शब्बीर अहमद (जोनल महासचिव, पूर्वी भारत जोन, IHRPC), श्री प्रद्युमन शर्मा (प्रदेश महासचिव, छत्तीसगढ़, IHRPC) को “सेवा रत्न सम्मान” से नवाजा गया. समारोह में प्रशासनिक, न्यायिक और सामाजिक क्षेत्र के कई शीर्ष अधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए मुख्य अतिथि श्री सैयद अजमतुल्लाह (आई.ए.एस. सेवानिवृत्त, पूर्व अध्यक्ष – तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग),
विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति खान साहब बशाह नवाज खान (मजिस्ट्रेट), श्री रामदासु तेजावत (अतिरिक्त डीसीपी, हैदराबाद सिटी ट्रैफिक), डॉ. एल. रविंद्र नायक (सब-रजिस्ट्रार, आर.आर. जिला), विशेष अतिथि डॉ. एच. एम.डी. मुजाहिद (राष्ट्रीय अध्यक्ष, IHRPC)  ,एवं डॉ. शेख फराश शोएब रहमान (राष्ट्रीय अध्यक्ष मंडल, IHRPC), सम्मानित अतिथि डॉ. ए. लक्ष्मण नायक (उद्योगपति), डॉ. शेख अब्दुल शरीफ (अधिवक्ता) एवं डॉ. अकबर शेख (राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, IHRPC) कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राजेंद्र सिंह ठकराल (दक्षिण भारत अध्यक्ष, IHRPC) ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि समाज के प्रति समर्पित व्यक्तियों को सम्मानित करने की यह परंपरा अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने मानवाधिकार जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद, श्री शब्बीर अहमद ने राष्ट्रीय एवं प्रांतीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा: “मैं अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण आयोग के नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी साथियों और आम नागरिकों का है जिन्होंने जनहित के कार्यों में मेरा सहयोग किया। यह पुरस्कार हमें समाज के वंचित, पीड़ित एवं जरूरतमंद लोगों के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।”

मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए श्री प्रद्युमन शर्मा ने कहा: “समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारा परम कर्तव्य है। हमारा प्रयास सदैव यही रहा है कि पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर उनके अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। यह सम्मान हमारे इस संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।” यह गरिमामयी समारोह समाज सेवा, मानवाधिकार संरक्षण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में कार्यरत कर्मठ व्यक्तियों के उत्साहवर्धन और सम्मान का एक ऐतिहासिक मंच सिद्ध हुआ।

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