किसान अब पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई कर रहे

रायपुर। कृषि विभाग एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के किसान अब पारंपरिक पद्धति को छोड़ आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं। पैडी ट्रांसप्लांटर के माध्यम से धान की रोपाई करने से न केवल समय और श्रम की बचत हो रही है, बल्कि उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।
वर्तमान खरीफ सीजन में विकासखंड पलारी के ग्राम सकरी (स) के प्रगतिशील किसान लेखराम साहू और बहोरन साहू अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस आधुनिक तकनीक ने खेती को अधिक सुविधाजनक और लाभकारी बना दिया है।
प्रगतिशील किसान लेखराम साहू ने बताया कि पहले मजदूरों के माध्यम से एक एकड़ खेत की रोपाई में 2 से 3 दिन का समय लगता था और प्रति एकड़ लगभग 5,000 से 6,000 रुपये तक खर्च आता था। अब पैडी ट्रांसप्लांटर की मदद से एक एकड़ की रोपाई मात्र 2 से 3 घंटे में पूरी हो जाती है। इससे लागत में लगभग 2,000 रुपये प्रति एकड़ की बचत हो रही है। साथ ही सीधी कतारों में रोपाई होने से पौधों की बढ़वार भी बेहतर हो रही है।
पैडी ट्रांसप्लांटर के प्रमुख लाभ
- एक दिन में 6 से 8 एकड़ तक धान की रोपाई संभव।
- मजदूरी और समय दोनों की उल्लेखनीय बचत।
- रोपाई के समय मजदूरों की कमी की समस्या का समाधान।
- समान दूरी पर रोपाई होने से फसल का बेहतर विकास।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर से पौधों और कतारों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखते हुए 12 से 15 दिन की पौध का रोपण किया जाता है। इससे पौधों का समुचित विकास होता है, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है और धान का उत्पादन औसतन 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाता है।
कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है। विभाग का मानना है कि पैडी ट्रांसप्लांटर जैसी आधुनिक मशीनों का अधिकाधिक उपयोग खेती को कम लागत, कम श्रम और अधिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




