छत्तीसगढ़

गंगरेल जलाशय 63% से अधिक भरा, बढ़ी पानी की आवक; जरूरत पड़ने पर छोड़ा जाएगा 20 हजार क्यूसेक पानी

धमतरी । जिले में लगातार हो रही बारिश का असर गंगरेल जलाशय पर साफ दिखाई देने लगा है। जलाशय में पानी की आवक तेजी से बढ़ने से जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार 30 जुलाई 2026 की रात 8 बजे तक गंगरेल जलाशय अपनी कुल क्षमता का 63.26 प्रतिशत भर चुका है। विभाग ने जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी है और जरूरत पड़ने पर नरराज बैराज की ओर पानी छोड़े जाने की तैयारी भी कर ली है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक गंगरेल जलाशय का वर्तमान जल स्तर 345.39 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) 348.70 मीटर है। जलाशय में वर्तमान में 485.23 एमसीएम लाइव जल भंडारण उपलब्ध है। खास बात यह है कि बीते एक घंटे में ही जल स्तर में 11 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लगातार बढ़ रही जल आवक का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जलाशय में लगभग 94,500 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि नियमित रूप से केवल 50 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा और जल स्तर तेजी से बढ़ा तो मुख्य अभियंता के निर्देशानुसार गंगरेल जलाशय से नरराज बैराज की ओर 20,000 क्यूसेक तक पानी छोड़ा जा सकता है।

प्रशासन ने कहा है कि जलाशय से पानी छोड़े जाने का निर्णय पूरी तरह परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा। इससे पहले डाउनस्ट्रीम क्षेत्र के जिला प्रशासन, संबंधित विभागों और प्रभावित गांवों को अग्रिम सूचना दी जाएगी, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और आवश्यक एहतियाती कदम समय रहते उठाए जा सकें।

जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जलाशय और नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

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