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Gold Silver Price Drop: सोना ₹3,000 और चांदी ₹10,000 से ज्यादा सस्ती, जानें आज के भाव

सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। नवरात्रि के दौरान सोना करीब 3,000 रुपये और चांदी 10,000 रुपये से अधिक सस्ती हुई है। कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों का रुझान भी बदल रहा है। अब लोग पारंपरिक गहनों के अलावा गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड में भी निवेश कर रहे हैं।

10 ग्राम सोने की कीमत में कितनी गिरावट?

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 3,004 रुपये घटकर 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले इसकी कीमत 1,49,430 रुपये थी।

अन्य कैरेट के सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई।

  • 24 कैरेट सोना: 1,46,426 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: 1,34,126 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: 1,09,820 रुपये प्रति 10 ग्राम

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का उच्चतम भाव 12 अक्टूबर को 1,48,425 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में यह घटकर 1,45,564 रुपये तक पहुंच गया।

चांदी भी 10,000 रुपये से ज्यादा हुई सस्ती

सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चांदी का भाव 10,191 रुपये कम होकर 2,10,918 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इससे पहले यह 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम पर था।

इस सप्ताह चांदी का उच्चतम भाव 12 अक्टूबर को 2,20,874 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। वहीं, 15 अक्टूबर को सुबह के सत्र में कीमत घटकर 2,07,098 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के भाव?

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव डाल सकती हैं। महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच निवेशक अपने निवेश में बदलाव कर रहे हैं, जिसका असर सोने और चांदी की मांग पर पड़ता है।

हालांकि, सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव कई कारकों पर निर्भर करता है। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, अंतरराष्ट्रीय बाजार के भाव, डॉलर की स्थिति और रुपये की विनिमय दर प्रमुख हैं।

गहनों के बजाय गोल्ड ETF में बढ़ रही दिलचस्पी

निवेश के लिए सोना खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। अब कई निवेशक फिजिकल गोल्ड के साथ गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) का विकल्प चुन रहे हैं। गोल्ड ETF के जरिए निवेशक सोने की कीमतों से जुड़े निवेश में हिस्सा ले सकते हैं, बिना गहने या सोने के सिक्के रखने की जरूरत के।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में गोल्ड ETF में 2,596.70 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जबकि जुलाई में यह आंकड़ा 1,559 करोड़ रुपये था। इस दौरान गोल्ड ETF में लगातार तीसरे महीने निवेश दर्ज किया गया।

डिजिटल गोल्ड की खरीदारी में भी तेजी की जानकारी सामने आई है। जून से अगस्त के बीच इसकी औसत मासिक खरीद करीब 2,500 करोड़ रुपये बताई गई। अगस्त में डिजिटल गोल्ड की खरीद पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 110 प्रतिशत बढ़ने का दावा किया गया है।

क्या अभी सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा?

वित्तीय सलाहकार सोने को निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने का एक विकल्प मानते हैं। बाजार में अनिश्चितता के दौरान यह कुछ निवेशकों के लिए जोखिम संतुलित करने में मददगार हो सकता है। हालांकि, सोने की कीमतें भी घट-बढ़ सकती हैं और इसमें निवेश से मुनाफे की गारंटी नहीं होती।

निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है। केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय बाजार की स्थिति को समझना बेहतर है।

त्योहारों और शादी के सीजन में बढ़ सकती है मांग

त्योहारों और शादी के मौसम में भारत में सोने की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि, ऊंचे भाव और कीमतों में तेजी से होने वाले बदलाव खरीदारों के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर और रुपये की चाल का असर बना रह सकता है।

नोट: ऊपर दिए गए भाव और निवेश संबंधी आंकड़े उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट पर आधारित हैं। ये 12 से 15 अक्टूबर के बताए गए आंकड़े हैं, लाइव बाजार भाव नहीं। खरीदारी से पहले IBJA या अपने स्थानीय ज्वेलर से ताजा दरों की पुष्टि करें।

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