E20 पेट्रोल को लेकर उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी सामने आई, आप के छत्तीसगढ़ टाउनहॉल में लोगों ने साझा किए अनुभव

रायपुर । आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ द्वारा E20 पेट्रोल के खिलाफ सोमवार को महाराजा अग्रसेन कॉलेज, समता कॉलोनी, रायपुर में छत्तीसगढ़ टाउनहॉल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश प्रभारी, दिल्ली सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री मुकेश अहलावत के सानिध्य में E20 पेट्रोल से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित उपभोक्ताओं, वाहन मालिकों, ट्रैवल्स संचालकों और मैकेनिकों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में श्री अहलावत सहित मुख्य अतिथि डॉ. प्रेमराज देबता एवं श्री अतुल अग्रवाल ने E20 पेट्रोल से सामने आ रही समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी।

अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है :
आप प्रदेश प्रभारी श्री मुकेश अहलावत ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर बेचने का फैसला आम जनता को धोखे में रखकर किया है। आम लोगों को यह पता ही नहीं है कि पेट्रोल पंप से जो पेट्रोल वे डलवा रहे हैं, उसमें कुछ चीजों की मिलावट की गई। जब उसका वाहन खराब होता है और जब वह मैकेनिकों के पास जाता है, तब उन्हें मैकेनिकों के माध्यम से मिलावट का पता चलता है। उन्होंने कहा कि ऐसी धोखेबाज सरकार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
रायपुर उपभोक्ता आयोग का फैसला बना बड़ा उदाहरण :
डॉ. प्रेमराज देबता ने बताया कि उन्होंने जून 2024 में नेक्सा डीलरशिप से मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड खरीदी थी। E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद वाहन के इंजन में बार-बार तकनीकी खराबी और मिसफायरिंग की समस्या सामने आई।
उन्होंने बताया कि इस मामले में रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए मारुति सुजुकी और संबंधित डीलर को 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई E20-संगत कार उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यदि नई कार उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो लगभग ₹20,50,494 की पूरी वाहन कीमत वापस करने के साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹1 लाख तथा मुकदमे के खर्च के लिए ₹10 हजार देने का निर्देश दिया गया है।
डॉ. देबता ने कहा कि जब बाजार में मुख्य रूप से E20 पेट्रोल ही उपलब्ध है, तब उपभोक्ता को इसके इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। यह फैसला उन हजारों वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो E20 पेट्रोल के कारण अपने वाहनों को लेकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
E20 से पार्ट्स खराब, माइलेज में गिरावट और इंजन पर असर का दावा :
कार्यक्रम में अतुल अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के पार्ट्स में खराबी, माइलेज में कमी और इंजन से संबंधित समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी के रखरखाव पर पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
ट्रैवल्स संचालकों और वाहन मैकेनिकों ने भी टाउनहॉल में अपने अनुभव साझा किए और बताया कि E20 पेट्रोल के बाद वाहनों में आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर ग्राहक लगातार शिकायतें कर रहे हैं।
आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल :
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने कहा कि सरकार को E20 पेट्रोल को लेकर केवल लक्ष्य और आंकड़ों की बात करने के बजाय आम उपभोक्ताओं की जेब, वाहनों की सुरक्षा और ऑटोमोबाइल उद्योग पर पड़ रहे प्रभाव का भी गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए।
पार्टी ने मांग की कि E20 पेट्रोल से वाहनों में आने वाली समस्याओं पर स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए और वाहन मालिकों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
AAP ने कहा कि रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग का फैसला यह सवाल खड़ा करता है कि यदि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहन खराब होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही हैं।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि E20 का मुद्दा केवल पेट्रोल का नहीं, बल्कि करोड़ों वाहन मालिकों की जेब और उनके रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। पार्टी इस विषय को जनता के बीच लगातार उठाती रहेगी और उपभोक्ताओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी।




