टिकरापारा में पांच मौतों से सनसनी, आर्थिक तंगी समेत सभी पहलुओं की जांच

रायपुर। टिकरापारा इलाके के संजय नगर में जिस किराए के मकान में करीब आठ महीने पहले सैयद साजिद खान अपने परिवार के साथ रहने आया था, वहां अब सन्नाटा पसरा है। जिस घर में बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, उसी घर से एक साथ शुक्रवार की देर रात पांच लोगों साजिद अली (50), उनकी पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली तथा बेटियां शाहिदा और इरशाबा के शव निकलने की खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पड़ोसियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि कुछ महीने पहले तक हंसता-खेलता दिखने वाला परिवार इस तरह खत्म हो जाएगा और शनिवार को पांचों की अर्थियां एक साथ उठी और पूरे संजय नगर शोक में डूबा रहा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया ने पहले पत्नी और बच्चों को जहर खिलाया, फिर खुद फांसी लगा ली। बताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और आत्महत्या से पति-पत्नी के बीच झगड़ा भी हुआ था।
पड़ोसियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, साजिद मौदहापारा की एक बैटरी दुकान में मैकेनिक का काम करता था। उसकी आमदनी से किसी तरह घर का खर्च चलता था, लेकिन समय के साथ आर्थिक दबाव बढ़ता गया। बताया जा रहा है कि उसने कुछ लोगों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लिया था। बढ़ती देनदारी और सीमित आमदनी के कारण वह पिछले कुछ समय से तनाव में था। करीब आठ महीने पहले साजिद अपने परिवार के साथ इस किराए के मकान में रहने आया था। शुक्रवार को पूरे दिन कमरे का दरवाजा नहीं खुला। देर रात तक कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। जब उन्होंने खिड़की से अंदर देखा तो साजिद फंदे पर लटका दिखाई दिया। सूचना मिलने पर टिकरापारा पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा तोडऩे पर भीतर पत्नी और तीनों बच्चे मृत मिले। परिवार ने नई जगह पर नई शुरुआत की उम्मीद की थी, लेकिन हालात ऐसे बने कि यह घर अब एक दर्दनाक घटना का गवाह बन गया। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा है और लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं।
टिकरापारा थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि संजय नगर चौक स्थित एक किराए के मकान में रहने वाले परिवार के लोगों की मौत की सूचना मिली। परिवार मुस्लिम समाज से संबंधित बताया गया है। मृतकों में पति-पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। बच्चों की उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मृतकों की पहचान साजिद अली (50), उनकी पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली तथा बेटियां शाहिदा और इरशाबा के रूप में हुई है। पुलिस को आशंका है कि साजिद अली ने पहले पत्नी और बच्चों को जहर खिलाया, इसके बाद खुद फांसी लगा ली।
साजिद अली जिस मकान में किराए से रहता था, वो मकान पूर्व मेयर एजाज ढेबर के करीबी सैय्यद उमेर का है। उमेर ने मीडिया को बताया कि साजिद साल भर पहले यहां रहने के लिए आया था। किराया भी समय पर दे दिया करता था। व्यवहार में भी अच्छा था। आर्थिक दिक्कतों का जिक्र भी उसने कभी नहीं किया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि परिवार की मौत खाने में किसी जहरीले पदार्थ के कारण हुई हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर साइबर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों पर आधिकारिक रूप से कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल पुलिस आर्थिक तंगी, कर्ज और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।




