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शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो गई है? रोज की डाइट में शामिल करें ये 4 सुपरफूड, थकान और कमजोरी से मिलेगी राहत

 हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी होती है। इन्हीं जरूरी मिनरल्स में से एक है मैग्नीशियम, जो शरीर की सैकड़ों जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यदि शरीर में इसकी कमी हो जाए, तो लगातार थकान, मांसपेशियों में दर्द, नींद की समस्या और कमजोरी जैसी परेशानियां होने लगती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ पौष्टिक खाद्य पदार्थों को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करके मैग्नीशियम की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

मैग्नीशियम शरीर के लिए क्यों है इतना जरूरी?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मैग्नीशियम मांसपेशियों, नसों, हड्डियों और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर मसल्स में ऐंठन, शरीर में कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी, बार-बार थकान महसूस होना और नींद ठीक से न आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर कमी होने पर अनियमित दिल की धड़कन, तनाव और हड्डियों के कमजोर होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

मैग्नीशियम बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये चीजें

1. पालक को बनाएं रोज की थाली का हिस्सा

हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक मैग्नीशियम का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें आयरन के साथ-साथ अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम भी पाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे पालक में मौजूद ऑक्सलेट कुछ पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर सकते हैं, इसलिए इसे हल्का पकाकर, सॉटे करके, सब्जी, सूप या स्मूदी के रूप में खाना अधिक फायदेमंद हो सकता है।

2. राजमा भी है मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत

अगर आप शाकाहारी हैं, तो राजमा आपकी डाइट का अहम हिस्सा होना चाहिए। यह न केवल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है, बल्कि मैग्नीशियम भी अच्छी मात्रा में उपलब्ध कराता है। लगभग 100 ग्राम उबले हुए राजमा में करीब 45 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता है।

3. कद्दू के बीज और बादाम का करें नियमित सेवन

कद्दू के बीज और बादाम दोनों ही मैग्नीशियम से भरपूर ड्राई फ्रूट्स माने जाते हैं। ये मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर की थकान कम करने और अच्छी नींद लाने में मदद कर सकते हैं। रोजाना एक चम्मच हल्के भूने हुए कद्दू के बीज और रातभर भिगोए हुए 5 से 7 बादाम का सेवन लाभकारी माना जाता है।

4. मिलेट्स और किनोवा को भी दें जगह

अगर आप अपनी डाइट को और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो मिलेट्स (मोटे अनाज) और किनोवा को शामिल करें। इनसे बनी रोटी, खिचड़ी या उपमा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ मैग्नीशियम और फाइबर का भी अच्छा स्रोत हैं। नियमित सेवन से शरीर को जरूरी मिनरल्स मिलने में मदद मिल सकती है।

ध्यान रखें

अगर आपको लंबे समय से थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, बार-बार झुनझुनी या नींद की समस्या बनी हुई है, तो केवल खानपान पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराना भी जरूरी है। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ मैग्नीशियम सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

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