सड़क पर केज व्हील वाले ट्रैक्टर दौड़े तो कटेगा चालान

रायपुर, खेतों में जुताई और मिट्टी पलटने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोहे के केज व्हील (पिंजरा पहिया) लगे ट्रैक्टर अब सार्वजनिक सड़कों और सीमेंट रोड पर नहीं चल सकेंगे। ऐसे ट्रैक्टर सड़क पर चलते पाए जाने पर परिवहन विभाग मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई करेगा। जिला परिवहन विभाग ने किसानों और ट्रैक्टर संचालकों को इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए नियमों का पालन करने की अपील की है।
परिवहन विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर सभी जिला परिवहन अधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों पर केज व्हील लगे ट्रैक्टरों का संचालन रोकने और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, यह फैसला उच्च न्यायालय, बिलासपुर में दायर एक जनहित याचिका के बाद लिया गया है।
याचिका में कहा गया था कि कृषि कार्यों के लिए बनाए गए केज व्हील का उपयोग केवल खेतों तक सीमित होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर इन्हें सड़कों और राजमार्गों पर भी चलाया जा रहा है। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। परिवहन विभाग का कहना है कि सार्वजनिक मार्गों पर ऐसे ट्रैक्टरों का संचालन मोटरयान अधिनियम और प्रचलित नियमों के अनुरूप नहीं है।
परिवहन विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि जुताई या मिट्टी पलटने का कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक्टर से केज व्हील हटाकर सामान्य रबर के टायर लगाएं और उसके बाद ही सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाएं। इससे सड़कें सुरक्षित रहेंगी और हादसों की आशंका भी कम होगी। परिवहन विभाग ने कहा है कि अपील के बावजूद यदि कोई ट्रैक्टर चालक केज व्हील लगे ट्रैक्टर के साथ सार्वजनिक सड़क पर चलता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार चालान सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



