धमतरी में तेज आवाज वाले DJ को लेकर विवाद, स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

धमतरी। धमतरी शहर में एक बार फिर तेज आवाज वाले डीजे और धुमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। 8 और 9 अगस्त को प्रस्तावित CG-05 एक्सपो को प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और सोरिद वार्ड के रहवासियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाके के बेहद करीब आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से ध्वनि प्रदूषण बढ़ेगा और कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। गुरुवार को रहवासियों ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आयोजन पर रोक लगाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार, एक्सपो का आयोजन शहर के मंडी परिसर में किया जाना है, जो हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और डिपोपारा क्षेत्र से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले वर्षों में भी इसी आयोजन के दौरान देर रात तक तेज आवाज में डीजे और धुमाल बजने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। उनका आरोप है कि रात में छोटे बच्चे डरकर जाग जाते हैं और बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
रहवासियों ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण को लेकर न्यायालय और शासन के स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं। इसके बावजूद रिहायशी क्षेत्र के पास इस तरह के आयोजन की अनुमति देना चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास और आयोजनों के नाम पर आम नागरिकों की शांति और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
वहीं, आयोजन समिति ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि CG-05 एक्सपो शासन और प्रशासन के सभी नियमों के तहत आयोजित किया जाएगा। यूनिटी इवेंट्स के प्रभारी ब्रजेश गजेन्द्र, राहुल दुबे और मुशाहिद रजा ने बताया कि यह एक्सपो का पांचवां संस्करण है और इसमें छत्तीसगढ़ के अलावा झारखंड, ओडिशा, मध्यप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित कई राज्यों के व्यापारी हिस्सा लेंगे। उनके अनुसार कार्यक्रम के दौरान ध्वनि सीमा, समय सीमा और प्रशासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों का पालन किया जाएगा।
फिलहाल मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। एक ओर स्थानीय लोग कोर्ट के आदेशों और ध्वनि प्रदूषण के नियमों का हवाला देकर आयोजन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आयोजन समिति नियमों के तहत कार्यक्रम कराने का दावा कर रही है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है।



