Chhattisgarh Investment: सिंगापुर से लौटे CM साय, छत्तीसगढ़ को मिले ₹43,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सिंगापुर के दौरे के बाद छत्तीसगढ़ लौट आए हैं। तीन अक्टूबर से छह अक्टूबर तक चले दौरे के बाद रायपुर एयरपोर्ट पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में यात्रा के दौरान हुई निवेश संबंधी चर्चाओं और समझौतों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सिंगापुर में आयोजित Singapore-India Network for Growth (SING) Forum 2026 समेत विभिन्न बैठकों के दौरान छत्तीसगढ़ के लिए कुल 43,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर के कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की ओर से कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।
41,750 करोड़ का सबसे बड़ा प्रस्ताव
दौरे के दौरान सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव Energy Capital Global की ओर से आया। कंपनी ने छत्तीसगढ़ में करीब 41,750 करोड़ रुपये की लागत से 100 मेगावाट क्षमता का AI-ready डेटा सेंटर कैंपस विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव सिंगापुर दौरे के दौरान सामने आए निवेश पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा है।
प्रस्तावित परियोजना से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
सोलर और बैटरी स्टोरेज में भी निवेश
ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में Sunstream Green Energy की ओर से करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव सामने आया है। कंपनी 300 मेगावाट सौर परियोजना के साथ बैटरी स्टोरेज और संबंधित तकनीकी ढांचे पर काम करने की योजना से जुड़ी है।
इससे प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण से जुड़े क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
एग्रो और फूड प्रोसेसिंग में 350 करोड़ का प्रस्ताव
कृषि क्षेत्र में भी सिंगापुर दौरे का असर देखने को मिला है। Valency International Pte Ltd ने करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव के जरिए छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब विकसित करने में रुचि दिखाई है। कंपनी 22 देशों में कारोबार करती है।
प्रस्तावित परियोजना से कृषि उपज की प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और निर्यात को बढ़ावा देने के साथ किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में काम हो सकता है।
ITE Education Services के साथ कौशल विकास पर समझौता
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंगापुर की ITE Education Services के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को लेकर एमओयू किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए इंडस्ट्री-अलाइंड पाठ्यक्रम और रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण मॉडल विकसित करना है।
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के ITE कॉलेज का दौरा कर वहां के कौशल विकास मॉडल को भी समझा। सरकार का जोर ऐसे प्रशिक्षण पर है, जिससे प्रदेश में आने वाले नए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सके।
निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने पर जोर
रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार निवेश से जुड़े समझौतों और प्रस्तावों को प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन पहलों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि निवेश का लाभ राज्य की जनता तक पहुंचे।
सिंगापुर के विदेश मंत्री से भी हुई मुलाकात
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री साय ने सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच निवेश, कौशल विकास, शहरी नियोजन और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 15 से अधिक वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ सीईओ राउंडटेबल में हिस्सा लिया। बातचीत में टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, एग्रीबिजनेस, एक्वाकल्चर और फूड सेक्टर में संभावित निवेश और साझेदारी पर चर्चा हुई।
AI और डिजिटल फाइनेंस में प्रशिक्षण की तैयारी
सिंगापुर में Global Finance & Technology Network (GFTN) के प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई। इसमें छत्तीसगढ़ के युवाओं को AI और डिजिटल फाइनेंस जैसी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण देने, स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने और टेक्नोलॉजी लैब विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
दौरे से निवेश के साथ कौशल और तकनीक पर फोकस
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ कौशल विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर रहा। अब राज्य सरकार के सामने इन निवेश प्रस्तावों और समझौतों को आगे बढ़ाकर वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की चुनौती होगी।




