CG News: जिस बेटे का कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 17 दिन बाद जिंदा लौटा घर!

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार ने जिस 28 वर्षीय बेटे को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह करीब 17 दिन बाद अचानक जिंदा घर लौट आया। बेटे की वापसी से परिवार में जहां खुशी का माहौल है, वहीं अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि परिवार ने जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया था, वह आखिर किसका था?
मिली जानकारी के अनुसार, बलौदाबाजार जिले के सुकली बरेली गांव निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा लंबे समय से लापता था। परिवार और रिश्तेदार उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच 28 जुलाई 2026 को पुलिस को सेमरा नाले के पास एक सड़ा-गला शव मिला। शव की हालत ऐसी थी कि उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था।
शव मिलने की सूचना पर मोतीलाल के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में कर ली। इसके बाद परिवार शव को अपने साथ ले गया और अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार ने मुंडन सहित मृत्यु के बाद निभाई जाने वाली सभी पारंपरिक रस्में भी पूरी कर ली थीं। परिजनों को लगा कि लंबे समय से चल रही तलाश अब खत्म हो गई है।
17 दिन बाद धमतरी में मिला जिंदा
कहानी में नया मोड़ 14 अगस्त 2026 को आया, जब मोतीलाल पड़ोसी जिले धमतरी में संबलपुर मोड़ के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक मिला। उसकी स्थिति देखकर वहां मौजूद लोगों ने मदद के लिए पहल की। वरदान परमार्थ सेवा समिति के सदस्य पप्पू साहू ने उसकी सहायता की और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के शिव प्रधान से संपर्क किया।
रेड क्रॉस सोसाइटी के शिव प्रधान के मुताबिक, युवक मानसिक रूप से परेशान था। उसे अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। इस दौरान पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच में पता चला कि युवक बलौदाबाजार जिले का रहने वाला मोतीलाल विश्वकर्मा है।
परिजनों को मिली जीवित होने की खबर
स्वयंसेवकों और पुलिस के प्रयासों से जब मोतीलाल के परिजनों को उसके जीवित होने की जानकारी मिली, तो वे हैरान रह गए। जिस बेटे को मृत मानकर परिवार अंतिम संस्कार की सभी रस्में पूरी कर चुका था, उसे दोबारा सामने देखकर घर में खुशी और भावुकता का माहौल बन गया।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस और प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सेमरा नाले के पास मिला वह अज्ञात शव आखिर किसका था, जिसकी पहचान मोतीलाल के रूप में कर ली गई थी? अब इस शव की वास्तविक पहचान का पता लगाना जरूरी हो गया है।




